وَٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِّرُواْ بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمۡ لَمۡ يَخِرُّواْ عَلَيۡهَا صُمّٗا وَعُمۡيَانٗا ٧٣
और वे लोग कि जब उन्हें उनके पालनहार की आयतों के साथ नसीहत की जाए, तो उनपर बहरे तथा अंधे होकर36 नहीं गिरते।
फ़ुटनोट
36 अर्थात आयतों में सोच-विचार करते हैं।
तफ़सीर
और वे लोग कि जब उन्हें अल्लाह की सुनाई देने योग्य तथा देखने योग्य निशानियों के साथ उपदेश दिया जाता है, तो वे सुनाई देने योग्य निशानियों को सुनने से बहरे नहीं बनते, न ही देखने योग्य निशानियों को देखने से अंधे बनते हैं।