وَقَالُوٓاْ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٱكۡتَتَبَهَا فَهِيَ تُمۡلَىٰ عَلَيۡهِ بُكۡرَةٗ وَأَصِيلٗا ٥
और उन्होंने कहा कि ये पहले लोगों की कहानियाँ हैं, जिन्हें उसने लिखवा लिया है। तो वही उसके सामने सुबह और शाम पढ़ी जाती हैं।
तफ़सीर
और इन क़ुरआन को झुठलाने वालों ने कहा : क़ुरआन पहले लोगों की कहानियाँ और उनकी लिखी हुई बे सिर पैर की बातें हैं। मुहम्मद ने उन्हें लिखवा लिया है और वही उनके सामने सुबह-शाम पढ़ी जाती हैं।.