لِّتُؤۡمِنُواْ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَتُعَزِّرُوهُ وَتُوَقِّرُوهُۚ وَتُسَبِّحُوهُ بُكۡرَةٗ وَأَصِيلًا ٩
ताकि तुम अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाओ और उसकी मदद करो और उसका सम्मान करो और दिन के आरंभ एवं अंत में उसकी पवित्रता का गान करो।
तफ़सीर
इस उम्मीद में कि तुम अल्लाह पर और उसके रसूल पर ईमान लाओ, उसके रसूल का सम्मान और आदर करो और दिन की शुरुआत और उसके अंत में अल्लाह की पवित्रता का गान करो।