ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمۡوَٰلَهُمۡ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ لَا يُتۡبِعُونَ مَآ أَنفَقُواْ مَنّٗا وَلَآ أَذٗى لَّهُمۡ أَجۡرُهُمۡ عِندَ رَبِّهِمۡ وَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ ٢٦٢
जो लोग अपना धन अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करते हैं, फिर उन्होंने जो खर्च किया उसके बाद न किसी प्रकार का उपकार जताते हैं और न कोई कष्ट पहुँचाते हैं, उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उनपर न कोई डर है और न वे शोकाकुल176 होंगे।
फ़ुटनोट
176 अर्थात संसार में दान न करने पर कोई संताप होगा।
तफ़सीर
जो लोग अपना धन अल्लाह की आज्ञाकारिता और उसकी प्रसन्नता की चीज़ों में खर्च करते हैं, फिर अपने खर्च करने के बाद कोई ऐसा काम नहीं करते, जो उसके प्रतिफल को नष्ट करने वाला हो, जैसे कि अपने शब्द या कर्म से लोगों पर उपकार जताना, उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है। वे जिस चीज़ का सामना करने वाले है उसमें उनके लिए कोई भय नहीं है, और न ही वे, उन्हें प्राप्त नेमतों की महानता के कारण, बीत चुकी चीज़ों पर शोक करेंगे।