وَقَٰتِلُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ ٱلَّذِينَ يُقَٰتِلُونَكُمۡ وَلَا تَعۡتَدُوٓاْۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡمُعۡتَدِينَ ١٩٠
तथा अल्लाह की राह में, उनसे युद्ध करो, जो तुमसे युद्ध करते हैं, और अत्याचार न करो, निःसंदेह अल्लाह अत्याचार करने वालों से प्रेम नहीं करता।
तफ़सीर
तथा - अल्लाह के कलिमा को ऊँचा करने के लिए - उन काफ़िरों से युद्ध करो, जो तुम्हें अल्लाह के धर्म से रोकने के लिए तुमसे युद्ध करते हैं। परंतु बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों को क़त्ल करके अथवा मरे हुए व्यक्तियों के अंगों को काटकर (शवों का उत्परिवर्तन करके) अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन न करो। निःसंदेह अल्लाह अपने निर्धारित किए हुए नियमों और आदेशों में सीमाओं का उल्लंघन करने वालों से प्रेम नहीं करता।