सूरह Al-A'raf, आयत 9

7:9

وَمَنۡ خَفَّتۡ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓاْ أَنفُسَهُم بِمَا كَانُواْ بِـَٔايَٰتِنَا يَظۡلِمُونَ ٩

और जिसके पलड़े हल्के हो गए, तो यही वे लोग हैं जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला, क्योंकि वे हमारी आयतों के साथ अन्याय करते थे।4

फ़ुटनोट

4 भावार्थ यह है कि यह अल्लाह का नियम है कि प्रत्येक व्यक्ति तथा समुदाय को उनके कर्मानुसार फल मिलेगा। और कर्मों की तौल के लिये अल्लाह ने नाप निर्धारित कर दी है।

तफ़सीर

तथा जिसके पापों का पलड़ा उसकी नेकियों के पलड़े से भारी हो गया, तो यही लोग हैं जिन्होंने, अल्लाह की आयतों का इनकार करने के कारण, क़ियामत के दिन अपने आपको विनाश के घाट उतार कर खुद को घाटे में डाल दिया।