सूरह Al-A'raf, आयत 182

7:182

وَٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا سَنَسۡتَدۡرِجُهُم مِّنۡ حَيۡثُ لَا يَعۡلَمُونَ ١٨٢

और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया, हम उन्हें धीरे-धीरे (विनाश तक) ऐसे खींच कर ले जाएँगे कि उन्हें इसका ज्ञान नहीं होगा।

तफ़सीर

और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठला दिया और उनपर ईमान नहीं लाए, बल्कि उनका इनकार कर दिया, हम उनके लिए आजीविका के दरवाज़े खोल देंगे। लेकिन यह उनके सम्मान के तौर पर नहीं होगा, बल्कि उन्हें ढील देने के लिए होगा; ताकि वे जिस गुमराही में लिप्त हैं उसी में पड़े रहें। फिर हामरी यातना अचानक उन्हें अपनी पकड़ में ले ले।