सूरह Al-Anfal, आयत 32

8:32

وَإِذۡ قَالُواْ ٱللَّهُمَّ إِن كَانَ هَٰذَا هُوَ ٱلۡحَقَّ مِنۡ عِندِكَ فَأَمۡطِرۡ عَلَيۡنَا حِجَارَةٗ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ أَوِ ٱئۡتِنَا بِعَذَابٍ أَلِيمٖ ٣٢

तथा (याद करो) जब उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह! यदि यही15 तेरी ओर से सत्य है, तो हमपर आकाश से पत्थरों की वर्षा कर दे अथवा हमपर कोई दुःखदायी यातना ले आ।

फ़ुटनोट

15 अर्थात क़ुरआन। यह बात क़ुरैश के मुखिया अबू जह्ल ने कही थी, जिसपर आगे की आयत उतरी। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4648)

तफ़सीर

और (ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब बहुदेववादियों ने कहा : ऐ अल्लाह! यदि मुहम्मद का लाया हुआ धर्म सत्य है, तो हमपर आकाश से पत्थर गिरा दे जो हमें नष्ट कर दे, अथवा हमपर कोई गंभीर यातना ले आ। उन्होंने यह बात इनकार में अतिशयोक्ति के तौर पर कही थी।