وَمَن يُوَلِّهِمۡ يَوۡمَئِذٖ دُبُرَهُۥٓ إِلَّا مُتَحَرِّفٗا لِّقِتَالٍ أَوۡ مُتَحَيِّزًا إِلَىٰ فِئَةٖ فَقَدۡ بَآءَ بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَمَأۡوَىٰهُ جَهَنَّمُۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ ١٦
और जो कोई उस दिन उनसे अपनी पीठ फेरे, सिवाय उसके जो पलटकर आक्रमण करने वाला अथवा (अपने) किसी गिरोह से मिलने वाला हो, तो निश्चय वह अल्लाह के प्रकोप के साथ लौटा, और उसका ठिकाना जहन्नम है और वह लौटने की बुरी जगह है।
तफ़सीर
और जो व्यक्ति उनसे भागते हुए अपनी पीठ फेरे, जबकि वह उनसे लड़ाई के लिए मुड़ने वाला नहीं है कि वह चाल के तौर पर उनसे भागने का दिखावा करे, जबकि वह पलटकर उनपर हमला करना चाहता हो, या वह मदद लेने के लिए मुसलमानों के किसी उपस्थित समूह में शामिल होने वाला नहीं है, तो निश्चय वह अल्लाह के प्रकोप के साथ लौटा और उसका हक़दार हो गया, और आख़िरत में उसका ठिकाना जहन्नम है और उसका वह ठिकाना बहुत बुरा है और उसके पलटने की वह जगह बहुत बुरी है।