सूरह Al-Anbiya, आयत 108

21:108

قُلۡ إِنَّمَا يُوحَىٰٓ إِلَيَّ أَنَّمَآ إِلَٰهُكُمۡ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۖ فَهَلۡ أَنتُم مُّسۡلِمُونَ ١٠٨

(ऐ रसूल!) आप कह दें कि मेरी ओर केवल यही वह़्य की जाती है कि तुम्हारा पूज्य केवल एक ही पूज्य है। तो क्या तुम आज्ञाकारी47 बनते हो?

फ़ुटनोट

47 अर्थात दया एकेश्वरवाद में है, मिश्रणवाद में नहीं।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) मेरी ओर, मेरे पालनहार की तरफ़ से, केवल यही वह़्य की जाती है कि तुम्हारा सच्चा पूज्य केवल एक पूज्य है, जिसका कोई साझी नहीं और वह अल्लाह है। इसलिए उसपर ईमान लाओ और उसकी आज्ञा का पालन करो।