وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَخۡرَجۡنَا بِهِۦ نَبَاتَ كُلِّ شَيۡءٖ فَأَخۡرَجۡنَا مِنۡهُ خَضِرٗا نُّخۡرِجُ مِنۡهُ حَبّٗا مُّتَرَاكِبٗا وَمِنَ ٱلنَّخۡلِ مِن طَلۡعِهَا قِنۡوَانٞ دَانِيَةٞ وَجَنَّٰتٖ مِّنۡ أَعۡنَابٖ وَٱلزَّيۡتُونَ وَٱلرُّمَّانَ مُشۡتَبِهٗا وَغَيۡرَ مُتَشَٰبِهٍۗ ٱنظُرُوٓاْ إِلَىٰ ثَمَرِهِۦٓ إِذَآ أَثۡمَرَ وَيَنۡعِهِۦٓۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكُمۡ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ ٩٩
तथा वही है जिसने आकाश से कुछ पानी उतारा, फिर हमने उसके द्वारा प्रत्येक प्रकार के पौधे निकाले। फिर हमने उससे हरियाली निकाली। जिसमें से हम तह-ब-तह चढ़े हुए दाने निकालते हैं तथा खजूर के पेड़ों से उनके गाभे से झुके हुए गुच्छे हैं तथा अंगूरों के बाग़ और ज़ैतून और अनार मिलते-जुलते और न मिलने-जुलने वाले। उसके फल को देखो, जब वह फल लाए तथा उसके पकने की ओर। निःसंदेह इनमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ64 हैं, जो ईमान लाते हैं।
फ़ुटनोट
64 अर्थात अल्लाह के पालनहार होने की निशानियाँ। आयत का भावार्थ यह है कि जब अल्लाह ने तुम्हारे आर्थिक जीवन के साधन बनाए हैं, तो फिर तुम्हारे आत्मिक जीवन के सुधार के लिए भी प्रकाशना और पुस्तक द्वारा तुम्हारे मार्गदर्शन की व्यवस्था की है, तो तुम्हें उसपर आश्चर्य क्यों है तथा इसे अस्वीकार क्यों करते हो?
तफ़सीर
वही महिमावान और सर्वशक्तिमान (अल्लाह) है, जिसने आकाश से बारिश का पानी उतारा, तो हमने उसके द्वारा हर प्रकार के पौधे उगाए। फिर हमने पौधे से फसल तथा हरे-भरे वृक्ष निकाले, जिसमें से हम तह-ब-तह चढ़े हुए दाने निकालते हैं, जैसे कि बालियों में होता है। तथा खजूर के गाभे से निकलने वाले उसके गुच्छे पास ही होते हैं, जिन्हें खड़ा हुआ और बैठा हुआ व्यक्ति तोड़ सकता है। और हमने अंगूर के बाग़ निकाले, तथा ज़ैतून और अनार निकाले, जिनके पत्ते एक जैसे और फल भिन्न-भिन्न होते हैं। (ऐ लोगो!) उसके फल को देखो, जब वह पहली बार प्रकट होता है, और जब वह पकता है। निःसंदेह इसमें अल्लाह पर ईमान रखने वाले लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति के स्पष्ट प्रमाण हैं। क्योंकि वही लोग इन प्रमाणों और सबूतों से लाभ उठाते हैं।