يُصۡلِحۡ لَكُمۡ أَعۡمَٰلَكُمۡ وَيَغۡفِرۡ لَكُمۡ ذُنُوبَكُمۡۗ وَمَن يُطِعِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ فَقَدۡ فَازَ فَوۡزًا عَظِيمًا ٧١
वह तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्मों को सुधार देगा, तथा तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा और जो अल्लाह तथा उसके रसूल का आज्ञापालन करे, उसने बड़ी सफलता प्राप्त कर ली।
तफ़सीर
यदि तुम अल्लाह से डरते रहे तथा ठीक और सच्ची बात करते रहे, तो वह तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्मों को सुधार देगा, उन्हें तुमसे स्वीकार कर लेगा तथा तुम्हारे गुनाहों को इस तरह मिटा देगा कि उनपर तुम्हारी पकड़ नहीं करेगा। और जो अल्लाह और उसके रसूल का आज्ञापालन करे, उसने बहुत बड़ी सफलता प्राप्त कर ली, जिसके समान कोई अन्य सफलता नहीं है और वह अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति और जन्नत में प्रवेश है।