قَالَ إِنَّمَا ٱلۡعِلۡمُ عِندَ ٱللَّهِ وَأُبَلِّغُكُم مَّآ أُرۡسِلۡتُ بِهِۦ وَلَٰكِنِّيٓ أَرَىٰكُمۡ قَوۡمٗا تَجۡهَلُونَ ٢٣
उसने कहा : उसका ज्ञान तो अल्लाह ही के पास है और मैं तुम्हें वही कुछ पहुँचाता हूँ, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ। परंतु मैं तुम्हें देख रहा हूँ कि तुम अज्ञानता का प्रदर्शन कर रहे हो।
तफ़सीर
हूद (अलैहिस्सलाम) ने कहा : यातना के समय को तो केवल अल्लाह ही जानता है। मुझे इसका कोई ज्ञान नहीं है। मैं तो केवल एक रसूल हूँ, तुम्हें वह संदेश पहुँचाता हूँ, जो मुझे देकर तुम्हारी ओर भेजा गया है। लेकिन मैं तुम लोगों को देखता हूँ कि तुम उस चीज़ से अनभिज्ञ हो जिसमें तुम्हारा लाभ है, इसलिए तुम उसे छोड़ देते हो, तथा उस चीज़ से भी (अनभिज्ञ हो) जिसमें तुम्हारी हानि है, इसलिए तुम उसे करते हो।