أَنَّا صَبَبۡنَا ٱلۡمَآءَ صَبّٗا ٢٥
कि हमने ख़ूब पानी बरसाया।
तफ़सीर
चुनाँचे उसकी उत्पत्ति आकाश से जमकर और बहुतायत के साथ बरसने वाली वर्षा से हुई है।
أَنَّا صَبَبۡنَا ٱلۡمَآءَ صَبّٗا ٢٥
कि हमने ख़ूब पानी बरसाया।
चुनाँचे उसकी उत्पत्ति आकाश से जमकर और बहुतायत के साथ बरसने वाली वर्षा से हुई है।