ईद उल-अज़हा 2028
संभावित तारीख़
शुक्रवार, 5 मई 2028
10 ज़िलहिज्जा 1449 हिजरी
सोमवार, 8 मई 2028 तक
तारीख़ें सऊदी अरब के उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं। जहाँ महीना स्थानीय चाँद देखकर शुरू होता है, वहाँ तारीख़ एक दिन आगे या पीछे हो सकती है।
ईद उल-अज़हा, यानी क़ुर्बानी की ईद (बकरीद), 10 ज़िलहिज्जा को है। मुसलमान ईद की नमाज़ पढ़ते हैं और फिर इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की सुन्नत पर जानवर की क़ुर्बानी करते हैं। इसके बाद के तीन दिन अय्याम-ए-तशरीक़ हैं।
क़ुरआन और सुन्नत से
- पहले ईद की नमाज़ पढ़ें, और उसके बाद खाएँ। (तिर्मिज़ी)
- क़ुर्बानी नमाज़ के बाद करें, उससे पहले नहीं। (बुख़ारी और मुस्लिम)
- जो क़ुर्बानी करने वाला हो, वह ज़िलहिज्जा का चाँद दिखने से क़ुर्बानी तक अपने बाल और नाख़ून न काटे। (मुस्लिम)
- ईद के बाद अय्याम-ए-तशरीक़ खाने, पीने और अल्लाह को याद करने के दिन हैं। (मुस्लिम)
हदीस
عَنْ أَنَسٍ رَضيَ اللهُ عنهُ قَالَ: ضَحَّى النَّبِيُّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِكَبْشَيْنِ أَمْلَحَيْنِ أَقْرَنَيْنِ، ذَبَحَهُمَا بِيَدِهِ، وَسَمَّى وَكَبَّرَ، وَوَضَعَ رِجْلَهُ عَلَى صِفَاحِهِمَا. अनस रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दो चितकबरे, सींग वाले मेढ़ों की क़ुरबानी की। दोनों को अपने हाथ से ज़बह किया, बिस्मिल्लाह कहा, अल्लाहु अकबर कहा और अपना पाँव दोनों की गरदनों पर रखा।
व्याख्या
अनस रज़ियल्लाहु अनहु बयान करते हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने ईद अल-अज़हा के दिन सींगों वाले दो चितकबरे मेंढ़े ज़बह किए और फ़रमाया : अल्लाह के नाम से जबह करता हूँ और अल्लाह सबसे बड़ा है। ज़बह करते समय आपने अपना पाँव मेंढ़े की गर्दन पर रख दिया।
عَن أُمِّ سَلَمَةَ أُمِّ المُؤْمِنينَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رضي الله عنها قَالت: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «مَنْ كَانَ لَهُ ذِبْحٌ يَذْبَحُهُ فَإِذَا أُهِلَّ هِلَالُ ذِي الْحِجَّةِ، فَلَا يَأْخُذَنَّ مِنْ شَعْرِهِ، وَلَا مِنْ أَظْفَارِهِ شَيْئًا حَتَّى يُضَحِّيَ». अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नी, मुसलमानों की माता उम्म-ए-सलमा -रज़ियल्लाहु अनहा- से रिवायत है, वह कहती हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जिस व्यक्ति के पास क़ुरबानी का जानवर हो, जिसे वह ज़बह करने का इरादा रखता हो, तो जुल-हिज्जा का चाँद निकल आने के बाद वह क़ुरबानी से पहले अपने बालों और नाख़ुनों में से कुछ न काटे।"
व्याख्या
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया कि जो व्यक्ति क़ुर्बानी करने का इरादा रखता हो, वह ज़ुल-हिज्जा का चाँद निकल जाने के बाद से क़ुर्बानी कर लेने तक अपने सर अथवा बगल के बाल या मूँछ तथा हाथ एवं पाँव का नाखून न काटे।
यह भी देखें
दूसरे साल
ईद उल-अज़हा 2026ईद उल-अज़हा 2027
दूसरे मौक़े
इस्लामी नया साल 2028आशूरा 2028शब-ए-मेराज 2028रमज़ान 2028शब-ए-क़द्र 2028ईद उल-फ़ित्र 2028अरफ़ा का दिन 2028 इस्लामी कैलेंडर 1449 हिजरी
सवाल-जवाब
ईद उल-अज़हा 2028 कब है?
ईद उल-अज़हा 2028 संभावित रूप से शुक्रवार, 5 मई 2028 को है, जो उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर में 10 ज़िलहिज्जा 1449 हिजरी है।
क्या ईद उल-अज़हा की तारीख़ पक्की है?
नया चाँद दिखने तक नहीं। बहुत से देश महीने की शुरुआत का एलान एक शाम पहले करते हैं, इसलिए तारीख़ एक दिन आगे पीछे हो सकती है।
ईद उल-अज़हा कितने दिन की होती है?
ईद उल-अज़हा 10 ज़िलहिज्जा को है, और इसके बाद 11 से 13 तक तीन दिन अय्याम-ए-तशरीक़ हैं। ये खाने और अल्लाह को याद करने के दिन हैं, नफ़्ल रोज़ों के नहीं।